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छत्तीसगढ। दोनों की हरकत बनने जज के लायक नहीं है।( योनि के ऊपर लिंग रखकर वीर्यपात करना बलात्कार नहीं.जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास. छत्तीसगढ हाईकोर्ट)

दोनों की हरकतबनने जज के लायक नहीं है।।

“योनि के ऊपर लिंग रखकर वीर्यपात करना बलात्कार नहीं” – जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ( छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट)

  • खत्तीसगढ़ से राजेश कुमार यादव की  खास रिपोर्ट।

“लड़की का स्तन पकड़ना, नाडा तोड़ना, बाहों में भींचना, बलात्कार की कोशिश नहीं माना जा सकता” – जस्टिस राम मनोहर मिश्रा (इलाहाबाद हाईकोर्ट)

न्यायपालिका पर सवाल मत उठाओ अन्यथा कंटेंप्ट लग जाएगा, कॉलेजियम के खिलाफ़ भी मत बोलो, योग्यता के बारे में तो प्रश्न कर ही नहीं सकते,

अगर इन जजों की बहन बेटियों के साथ भी ऐसा होता तो क्या फिर भी ऐसा ही बोलते, इनके फैसलों को देखकर लगता है इंसानियत भी मर चुकी है,

अगर अदिति मिश्रा ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद कहती है तो वह ग़लत नहीं है, किसी ने कहा था मुंह से जन्मी औलादों में न्यायिक चरित्र नहीं होता है, इन जजों ने साबित कर दिया l

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